2--दशम भाव का मन्द गति ग्रह (शनि,राहु) से सम्बंध तथा लग्नेश व चंद्रमा का हीन बली होना आजीविका प्राप्ति मे बाधा देता है ।
3--लग्नेश व दशमेश का पाप ग्रस्त होकर 6,8 वे भाव मे होना भी नौकरी का निषेध दर्शाता है ।
4--लग्नेश व दशमेश चतुर्थ भाव मे स्थित वक्री ग्रह या मन्द गति ग्रह शनि या राहु से सम्बंध करे तो लगी हुई नौकरी छूटने का भय होता है ।
सद्गुरु कृपा ज्योतिष केंद्र
कुंडली विशेषज्ञ--Astroplus Durvesh kumar
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