(1) यदि द्वितीयेश लग्न मे,दशमेश धन भाव मे तथा चतुर्थ भाव मे कोई ग्रह उच्च राशि मे हो तो वाहन लाभ होता है।
(2)लग्न, नवम या लाभ स्थान मे लग्नेश चतुर्थेश की युति पर चंद्रमा की द्रष्टि हो तो भी वाहन लाभ होता है।
(3)लग्नेश, धनेश,तथा चतुर्थेश का आपस मे सम्बंध हो तो भी वाहन लाभ होता है।
(4)लग्न या चतुर्थ भाव मे( शुक्र + चतुर्थेश ) की युति हो तो भी वाहन सुख होता है।
(5) नवमेश+दशमेश + एकादशेश)की युति चतुर्थ भाव मे हो तो भी उत्तम वाहन सुख प्राप्त होता है।
सद्गुरू कृपा ज्योतिष केंद्र
कुंडली विशेषज्ञ -Astroplus Durvesh Kumar
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