परिभाषा--सूर्य से बुध दूसरे स्थान मे हो बुध से चंद्रमा एकादश स्थान मे हो,चन्द्र्मा से गुरु त्रिकोण (नवम भाव ज्यादा अच्छा है) में हो तो भास्कर योग बनता है ।
फल--भास्कर योग मे जन्म लेने वाले जातक शूरवीर,शास्त्रो को जानने वाला,रूपवान गाने का शौकीन ,ज्ञानी, धनी,धीर तथा समर्थ होता है ।
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