(1) गुरु यदि शनि की राशि अथवा नक्षत्र मे हो और पाप ग्रह से दृष्ट हो ।
(2) गुरु पर शनि की द्रष्टि युति हो ।
(3)चंद्रमा या कर्क राशि से शनि द्रष्टि युति करे ।
(4)राहु की अष्टमेश से अष्टम या त्रिकोण मे युति हो ।
(5)अष्टम भाव पाप युक्त तथा चंद्रमा, गुरु व शुक्र मे से कोई 2 ग्रह पापी हो तो डायबीटिज के लक्षण बनते है ।
सद्गुरु कृपा ज्योतिष केंद्र
कुंडली विशेषज्ञ--Astroplus Durvesh Kumar
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