2--लग्नेश और सप्तमेश का आपस मे राशि परिवर्तन हो।सप्तमेश विवाह का कारक होकर लग्न मे हो और लग्नेश सप्तम भाव मे हो तो बहुत ही शुभ है।
3--लग्नेश और व्ययेश का आपस मे द्रष्टि युति या स्थान परिवर्तन सम्बंध हो ।
इनमें से कोई भी योग हो तो प्रेम विवाह मे सफलता जरुर मिलती है ।
सद्गुरु कृपा ज्योतिष केंद्र
कुंडली विशेषज्ञ--Astroplus Durvesh kumar
No comments:
Post a Comment