1--सप्तमेश अशुभ ग्रह से युक्त हो या शुभ नीच राशिस्थ हो,अथवा सप्तम भाव मे पाप ग्रह का योग अथवा द्रष्टि हो तो पुरुष या स्त्री के विवाह में या वैवाहिक जीवन मे उलझनें व परेशानिया खडी हो जाती है ।
2--सातवें भाव मे राहु के साथ चंद्रमा ,मंगल का सम्बंध हो तो भी स्त्री के कारण कष्ट होता है।।
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