2--यदि मंगल द्वितायेश होकर शनि से युक्त हो तो ऐसे स्त्री दुराचारिणी होती हैं ।
3--यदि अष्टम भाव मे मंगल हो तो ऐसी स्त्री व्यभिचाराणि होती है ।
4--यदि अष्टम भाव मे राहु हो तो ऐसी स्त्री धर्म विहीन व पुरुष गामिनी होती है ।
सद्गुरु कृपा ज्योतिष केंद्र
कुंडली विशेषज्ञ--Astroplus Durvesh kumar
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