Tuesday, March 31, 2020

कुछ महत्त्वपूर्ण योग ज्योतिष मे--

1-यदि जन्म  का स्वामी 6,8,12 भाव के स्वामी के साथ जन्म मे हो और उस पर क्रुर ग्रह की द्रष्टि या युति हो तो उसका  स्वस्थ ठीक नही रहेगा ।यदि उस  पर किसी  सौम्य  ग्रह की द्रष्टि  हो तो इस अनिष्ट की भविष्यवाणी  नही करनी चाहिये।
2--यदि लग्नाधिपति  लग्न मे हो और क्रुर ग्रह की युक्ति हो तो जातक शारीरिक  रूप से सुखी नही होगा।
3--यदि स्वामी प्रबल हो,उत्तम ग्रह केंद्र मे पड़े  हो और लग्न मे अनिष्ट ग्रहो की द्रष्टि ना हो तो शरीर से काफी सुखी  रह्ता है।
4--यदि लग्न के स्वामी के साथ अनिष्ट ग्रह की युक्ति हो और राहु लग्न मे हो तो उस  जातक के साथ कपट होता है ।

         सद्गुरु कृपा ज्योतिष केंद्र
कुंडली  विशेषज्ञ--Astroplus Durvesh kumar

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