यदि पंचमेश सूर्य निर्बल होकर व शनि तथा बुध के प्रभाव में होकर पंचम भाव में हो तो इस अवधि में मनुष्य को अपच रोग हो जाता है और स्मरण शक्ति भी कमजोर हो जाती है।यदि पाप प्रभाव अधिक हो तो पेट में अल्सर आदि असाध्य रोग होते है । राहु और शनि के प्रभाव में होकर पंचम में पंचमेश बार बार गर्भपात करवाता है।व्यक्ति को लाटरी , सट्टे आदि से सर्वदा हानि ही रहती है।जातक की पत्नी के बड़े भाई भी उसके विरूद्ध रहते है।
सदगुरु कृपा ज्योतिष केंद्र
कुंडली विशेषज्ञ__Astroplus Durvesh kumar
No comments:
Post a Comment