Sunday, October 16, 2022

मेष से मीन राशि तक शनि की महादशा का परिणाम ( कालखंड 19 साल )

 मेष राशि -    मेष राशि के शनि की दशा आने पर जातक को कलेश, चर्म रोग  , भाइयो से वाद विवाद और 

अलगाव और रोग दे दिया करती है |


वृष राशि -    वृष राशि के शनि की दशा आने पर जातक को कलेश और मानसिक समस्या  या वात

से संबन्धित रोग दे दिया करती है | यदि शनि पर शुभ प्रभाव  है तो सफलता और सम्मान भी दे दिया करती है |



मिथुन राशि -  मिथुन राशि के शनि की दशा आने पर जातक को कर्ज़,  शत्रु व रोग के कारण परेशानी हो जाया करती 

है | कभी कभी ऐसे जातक को  चिंता व संताप भी दे दिया करती है |


कर्क राशि -  कर्क राशि के शनि की दशा आने पर जातक को आर्थिक समस्या बहुत ज्यादा परेशान भी कर दिया 

करती है |भाइयो से वियोग और कान आँख से संबन्धित रोग भी दे दिया करती है |


सिंह राशि - सिंह राशि के शनि की दशा आने पर जातक को धन की कमी , शारीरिक कष्ट व मानसिक रोग 

दे दिया करती है |


कन्या राशि - कन्या राशि के शनि की दशा आने पर जातक को हर प्रकार का सुख व भाग्यमे वृद्धि दे देती है |


तुला राशि - तुला राशि के शनि की दशा आने पर जातक को धन की वृद्धि , सफलता , सम्मान और भोग 

सुख मे लाभ दे दिया करती है |


वृश्चिक राशि - वृश्चिक राशि के शनि की दशा आने पर जातक को धन व सम्मान की कमी , लोभ व कृपणता 

दे दिया करती है |


धनु राशि - धनु राशि के शनि की दशा आने पर जातक को सम्मान, पद, और व्यक्तियों से प्रेम व सहयोग 

दे दिया करती है |


मकर राशि -  मकर राशि के शनि की दशा आने पर जातक को दुष्ट लोगो के कारण धन व सुख की हानि

दे दिया करती है |क्योकि शनि काल पुरुष कुंडली के अनुसार बाधकेश होने के कारण कर्म भाव मे अच्छे 

परिणाम नहीं देता है |


कुम्भ राशि - कुम्भ राशि के शनि की दशा आने पर जातक को हर प्रकार का सुख , लाभ, सम्मान और सफलता दे दिया करती है |


मीन राशि - मीन राशि के शनि की दशा आने पर जातक को सम्मान, सुख और पद प्रतिष्ठा मे वृद्धि दे दिया करती है |

Wednesday, October 5, 2022

मेष से मीन राशि तक गुरु की महादशा का परिणाम ( कालखंड 16 साल )

 मेष राशि -  मेष राशि के गुरु की दशा मे जातक को धन , मान ,विधा और पुत्र व स्त्री सुख की प्राप्ति हुआ 

करती है |मेष राशि मित्र मित्र राशि होने के कारण इस दशा मे मित्रो के सहयोग से सफलता भी प्राप्त कराती है |



वृष राशि -- वृष राशि का मंगल अपनी दशा मे धन की कमी व शारीरिक व मानसिक कष्ट भी दिया करती है |

क्योकि शत्रु राशि होने के कारण यहा अच्छे फल की प्राप्ति मे बहुत कमी हो जाती है |


मिथुन राशि - मिथुन राशि का गुरु अपनी दशा मे जातक को मानसिक कष्ट , धन की कमी और कभी कभी सुख मे भी 

हानि दे दिया करती  है |


कर्क राशि - कर्क राशि के गुरु की दशा जातक को धन व मान सम्मान की प्राप्ति दिया करता है  क्योकि यह गुरु 

की उच्च राशि भी है |


सिंह राशि - सिंह राशि के गुरु की दशा मे जातक को विधा , पुत्र  व उत्पत्ति जैसे कार्यो मे बहुत अधिक सफलता 

दिया करती है और जातक का धार्मिक कार्यो के प्रति अधिक रुझान किया करता है |


कन्या राशि - कन्या राशि के गुरु की दशा मे जातक को वाद विवाद या मतभेद   से कलह कलेश दे दिया करती है |


तुला राशि - तुला राशि के गुरु की दशा मे जातक को असफलता,  त्वचा रोग और बेकार की शत्रुता दे दिया करती 

है | कभी कभी जातक इस दशा मे मतिभ्रम भी हो जाया करता है |


वृश्चिक राशि - वृश्चिक राशि के गुरु की दशा मे जातक को कर्ज़ से मुक्ति और हर प्रकार के लाभ व सुख की प्राप्ति 

करा दिया करती है |


धनु राशि - धनु राशि के गुरु की दशा मे जातक को धन तो अधिक नहीं देती पर मान पद प्रतिष्ठा बहुत ऊंची दे 

दिया करती है |

मकर राशि - मकर राशि के गुरु की दशा जातक को धन , मांम सम्मान की हानि और आर्थिक संकट बहुत अधिक दे दिया करती है |


कुम्भ राशि -  कुम्भ राशि के गुरु की दशा जातक को धन लाभ , विधा की प्राप्ति और समाज मे मान सम्मान की 

बहुत अधिक प्राप्ति करा दिया करती है |



मीन राशि -  मीन राशि के गुरु की दशा जातक को धन लाभ , विधा प्राप्ति व धार्मिक कार्य और मित्रो का सुख बहुत अधिक दे दिया करती है |

Monday, September 26, 2022

मेष से मीन राशि तक राहु की महादशा का परिणाम ( कालखंड 18 वर्ष )

 मेष राशि -  मेष राशि के राहु  की दशा आने पर घर परिवार या जातक के छोटे भाई बहन से विरोध भी दे 

 दिया करती है |लेकिन  धन लाभ और सफलता भी दिया करती है |


वृष राशि -  वृष राशि के राहू  की दशा आने पर जातक को सुख व सफलता  की भी प्राप्ति होती है |ऐसा  जातक इस 

दशा मे बहुत सहनशील भी हुआ करता है |


मिथुन राशि -  मिथुन राशि के राहू की दशा आने पर जातक का साहस व सुख मे भी वृद्धि हुआ करती है |

राहू की दशा जब आरंभ होती है तो कुछ शारीरिक कष्ट या मानसिक कष्ट का होना भी स्वाभाविक होता है |


कर्क राशि -   कर्क राशि के राहू की दशा आने पर जातक को धन, मान सम्मान, मे वृद्धि हुआ करती है |



सिंह राशि -  सिंह राशि के राहू की दशा आने पर जातक को व्यवहार से सफलता दिलाया करती है |कोई कोई 

जातक तो इस दशा मे रोग से भी कष्ट पाता है |


कन्या राशि -  कन्या राशि के राहू की दशा आने पर जातक को वाणिज्य व्यापार से धन व सुख की वृद्धि हुआ 

करती है किन्तु अधिक लालच करने से हानी भी हुआ करती है | ऐसे जातक को बुरी संगत से बचना चाहिए |



तुला राशि - तुला राशि के राहू की दशा आने पर जातक धन व सुख वृद्धि जरूर होती है क्योकि मित्र राशि मे होने 

के कारण | 


वृश्चिक राशि -  वृश्चिक राशि के राहू की दशा आने पर जातक शत्रुओ के कारण रुकावट व धन हानी भी करा दिया 

अधिकतर जातक इस समय पर नीच कर्मो के कारण अपमानित भी हुआ करता है |



धनु राशि -  धनु राशि के राहू की दशा आने पर जातक को धन व मान सम्मान की वृद्धि भी हुआ करती है |



मकर राशि -  मकर राशि के राहू की दशा आने पर वात संबन्धित रोग या सिर दर्द जैसे रोग दे दिया करती है |

कभी कभी इस दशा मे आर्थिक संकट की भी वृद्धि हो जाया करती है |



कुम्भ राशि -  कुम्भ राशि के राहू की दशा आने पर जातक को धन लाभ व इच्छा पूर्ति भी हुआ करती है |ऐसा 

जातक अपने मित्रो पर भी विजय पाया करता है |


मीन राशि -  मीन राशि के राहू की दशा आने पर जातक को वाद विवाद  या रोग पीड़ा से शारीरिक व मानसिक 

कष्ट भी हुआ करता है |कभी कभी अत्यधिक खर्चो के कारण  चिंता मे भी वृद्धि हो जाया करती है |

Tuesday, September 20, 2022

मेष से मीन राशि तक मंगल की महादशा का परिणाम ( कालखंड 7 वर्ष )

  मेष राशि -   मेष राशि का मंगल अपनी मूल त्रिकोण राशि मे होने के कारण मान सम्मान व धन की प्राप्ति 

करवाता है | और कभी  कभी अधिक पीड़ा भी दे दिया करता है |


वृष राशि -  वृष राशि का मंगल धन लाभ मे वृद्धि के साथ साथ रोग या पीड़ा मे भी वृद्धि कर दिया करता है |

गुप्त दान या परोपकार के कार्य करने के कारण जातक को कार्यो मे सफलता  व सम्मान मे वृद्धि भी हो जाती है |



मिथुन राशि -  मिथुन राशि का मंगल अपनी दशा मे जातक के साहस व पराक्रम की भी वृद्धि करता है |इस दशा मे

 कभी कभी जातक कान से संबन्धित कष्ट भी पाता है |


कर्क राशि -  कर्क राशि का मंगल अपनी दशा मे जातक को घर परिवार से मतभेद या अलगाव भी करवा दिया करता

है |इस दशा मे जातक को मानसिक पीड़ा की भी संभावना बढ़ जाया करती है और कभी कभी जातक इस अवधि 

मे धन लाभ की प्राप्ति भी कर लेता है |



सिंह राशि -  सिंह राशि का मंगल अपने कालखंड मे बुद्धिमान व तर्क मे कुशल भी बनाता है |कभी कभी इस दशा 

मे जातक का अपने लाइफ पार्टनेर के प्रति अधिक पीड़ा भी हो जाया करती है |



कन्या राशि - कन्या राशि का मंगल कालपुरुष कुंडली मे छटे भाव का स्वामी होने के कारण धन धान्य की वृद्धि भी

 करवा देता है | इस कालखंड मे जातक प्रतियोगिता मे भी सफलता को प्राप्त करता है |



तुला राशि - तुला राशि का मंगल इस कालखंड मे धन व स्त्री सुख मे भी कमी किया करता है |इस स्थिति मे जातक 

अपने पार्टनर से या पार्टनर के लिए लड़ाई झगड़ा भी कर लिया करता है |


वृश्चिक राशि - वृश्चिक राशि का मंगल अपनी दशा मे धन धान्य का सुख भी प्राप्त करा दिया करता है | ऐसे जातक

 को अग्नि  या शस्त्र से भी हानी हो जाया करती है |


धनु राशि - धनु राशि का मंगल अपनी दशा मे धन व मान सम्मान दे देता है |इस अवधि मे जातक अपने कार्य व

 यक्ति  मे बहुत कुशल हो जाया करता है |



मकर राशि - मकर राशि मे उच्च का होने के कारण मंगल  अपनी दशा मे राज सुख , धन और कार्ये सिद्धि मे 

सफलता भी करता है |



कुम्भ राशि - कुम्भ राशि का मंगल अपनी दशा मे अशुभ परिणाम भी दे देता है |  इस अवधि मे जातक रोगी व

 दुराचारी  भी हो जाता है |



मीन राशि - मीन राशि का मंगल अपनी दशा मे शारीरिक कष्ट  देता है | कभी कभी त्वचा संबन्धित रोग भी दे देता 

है | कालपुर्ष कुंडली  के व्यय भाव मे होने के कारण कर्ज़ व पत्नी को कष्ट की संभावना भी अधिक बनी रहती है |

Sunday, September 18, 2022

मेष से मीन राशि तक चंद्रमा की महादशा का परिणाम ( कालखंड 10 वर्ष )

 मेष राशि -  यदि मेष राशि मे चंद्रमा स्थित है तो जातक को सिर से संबन्धित रोग हो सकते है | घर परिवार से 

संबन्धित लड़ाई झगड़े भी हो सकते है |


वृष राशि -  यदि वृष राशि मे चंद्रमा स्थिति हो तो धनी तथा अच्छी पत्नी का भी सुख  प्राप्त करता है | चंद्रमा अपनी 

उच्च राशि मे होने के कारण जो की शुक्र की राशि होने से वाहन का सुख भी देता है |


मिथुन राशि -   मिथुन राशि का चंद्रमा अपनी कर्क राशि से 2 - 12 का संबंध होने के कारण ऐसे जातक को विदेश 

यात्रा भी करवा देता है  और कभी कभी तो धन मे भी अधिक वृद्धि करा देता है |


कर्क राशि -  कर्क राशि का चंद्रमा धन व मान सम्मान की बहुत वृद्धि भी कर देता है | ऐसा चंद्रमा जातक को 

सुख व सफलता भी  प्राप्त  करवाता है | 


सिंह राशि -  सिंह राशि का चंद्रमा कालपुरुष कुंडली मे सूर्य की राशि का होने के कारण बुद्धि , विधा मे वृद्धि

 करके बुद्धिमान व धनी  और कार्य मे भी कुशल बनाता है |


कन्या राशि -  कन्या राशि का चंद्रमा जातक को धन लाभ और स्त्री सुख  भी देता है | ऐसा चंद्रमा  जातक मे 

बल प्रताप की भी वृद्धि करता है |


तुला राशि -  तुला राशि का चंद्रमा अपनी कर्क राशि के सुख भाव मे होने के कारण व्यापार मे लाभ भी देता है |

ऐसा चंद्रमा घर परिवार का सहयोग भी देता है |


वृश्चिक राशि -  वृश्चिक राशि का चंद्रमा अपनी नीच राशि मे होने के कारण रोग, पीड़ा  व कलंक या चिंता भी दे देता 

है | ऐसा धर्म हानि करके भी अपने कष्टो मे वृद्धि कर लेता है | 


धनु राशि - धनु राशि का चंद्रमा अपनी कर्क राशि से छठे भाव मे होने के कारण शत्रुता या मुक़दमेबाज़ी मे 

अपने धन की भी हानि करा लेता है | और गुरु राशि मे होने के कारण  ऐसा जातक अपनी दशा या अंतर दशा  मे 

लंबी या तीर्थयात्रा भी कर लेता है है |


मकर राशि - मकर राशि का चंद्रमा  शनि का शत्रु होने के कारण और राहू साथ मे हो तो वायु रोग भी दे देता है | 

कालपुरुष कुंडली मे चंद्रमा कर्म भाव मे होने के कारण घर परिवार के सुख मे भी वृद्धि करवाता है |


कुम्भ राशि - कुम्भ राशि का चंद्रमा अपनी दशा मे आँख व दांत से संबन्धित रोग भी दे देता है | और कभी कभी 

 अपनी कर्क राशि से अष्टम होने के कारण अधिक पीड़ा व परेशानी भी दे देता है |


मीन राशि - मीन राशि का चंद्रमा अपनी कर्क राशि से नवां होने के कारण संतान सुख भी दे देता है | और मान सम्मान मे भी वृद्धि करा देता है |

Thursday, July 28, 2022

मेष से मीन राशि तक सूर्य की महादशा का परिणाम

 सूर्य महादशा ( 6 साल )


मेष राशि   -  मेष राशि का सूर्य उच्च होने के  कारण जातक को मान सम्मान , धन  व पद की प्राप्ति करवाता है | 

यदि यही सूर्य पाप ग्रहो से पीड़ित है तो शारीरिक कष्ट , नेत्र रोग , धन हानि व कलेश भी दे सकता है |



वृष राशि   - वृष राशि का सूर्य वैभव सुख , स्त्री सुख व मित्रो का सुख भी उत्तम देता है | यदि यही सूर्य पाप ग्रहो से 

पीड़ित है तो दिल संबंधी रोग्  और पत्नी व संतान से भी विवाद करा सकता है |


मिथुन राशि   - मिथुन राशि का सूर्य काल पुरुष कुंडली मे तीसरे भाव मे स्थित होने के कारण बल , साहस व धन की 

भी वृद्धि कराता है और पंचमेश होने के कारण बुद्धि   का भी अच्छा समागम देता है |




कर्क राशि  - कर्क राशि का सूर्य धन व सुख की भी वृद्धि कराता है  और माता पिता का भी उत्तम सुख प्रदान करा 

सकता है |



सिंह राशि - सिंह राशि का सूर्य धन, मान सम्मान , पद का उत्तम सुख भी देता है |ऐसा जातक समाज मे बहुत ही 

उच्च कोटी का सम्मान प्राप्ति करता है |


कन्या राशि - कन्या राशि का सूर्य अपनी दशा मे जातक को विशिष्ट धार्मिक रुचि की वृद्धि भी कराता है |ऐसा 

जातक तार्किक बुद्धि मे बहुत कुशल होता है |


तुला राशि   - तुला राशि मे नीच का होने के कारण सूर्य अपनी दशा मे पिता , पत्नी संतान से भी अलग करा सकताहै |

या ऐसा जातक कभी कभी जीवन भर अकेला ही भटकता रहता है |


वृश्चिक राशि  - वृश्चिक राशि का सूर्य अपनी दशा मे बल व साहस की वृद्धि तो कराता ही है साथ ही साथ किसी भी 

कार्य मे निपुण भी बनाता है |यदि ये सूर्य पीड़ित अवस्था मे है तो आग से डरव हृदय रोग की संभावना भी बढ़ा देता है |


धनु राशि  - धनु राशि का सूर्य अपनी दशा मे उच्च शिक्षा , धन व भाग्य वृद्धि भी देता है | गुरु की मूल त्रिकोण राशि 

मे होने के कारण यही सूर्य राजा के बराबर भी सुख दे देता है |


मकर राशि   - मकर राशि का सूर्य होने के कारण सेवा जैसे कर्म करने से भी बहुत अधिक लाभ पाता है |

शत्रु राशि मे होने के कारण सूर्य शारीरिक कष्ट , मानसिक कष्ट , धन व पत्नी की चिंता मे भी अधिक वृद्धि करा देता है |


कुभ राशि   - कुम्भ राशि  का सूर्य पद की हानि , धन्न की हानि व परिवार वालो से वाद विवाद भी करा दिया करता करता है |


मीन राशि  - मीन राशि  का सूर्य मित्र राशि मे होने के कारण  धन व मान की प्राप्ति करा  देता है और दान व 

परोपकार के कार्यो मे बहुत अधिक रुचि भी बढ़ाता है |यदि यही सूर्य पीड़ित हो तो पित्त वृद्धि व ज्वर भी दे देता है |

Sunday, July 24, 2022

सूर्य का नवम भाव मे शुभ या अशुभ फल

 सूर्य का शुभ फल -     जब सूर्य मित्र , उच्च या स्वराशि का होकर नवम भाव मे हो तो जातक भाग्य शाली , 

धर्मपरायण व माता पिता का सेवक होता है |  मंगल गुरु आदि से द्रष्ट हो तो डॉक्टर आदि कार्यो मे सफल होता है |




अशुभ सूर्य का फल -    यदि ये सूर्य पाप ग्रह से युक्त या द्रष्टि मे हो तो पिता व भाइयो से संबंध अच्छे नहीं होंगे ,

 शारीरिक कष्ट व पारिवारिक व आर्थिक उलझनों से भी परेशान हो सकता है |कारोबार मे भी ऐसा जातक कुछ 

ठीक नहीं कर पाता ,  भाग्य मे विफलता सी बनी रहती है |

Wednesday, February 9, 2022

रोगो के तीन वर्ग

 हमारी इस देह मे तीन प्रकार के रोग होते है  , ज्योतिष के अनुसार किस ग्रह और राशि से कौन कौन से रोग उतपन होते है |


(1) पित्त प्रधान ग्रह व राशिया   _


(अ) सूर्य व मंगल सरीखे अग्नि ग्रहो का संबंध , पित्त दोष से माना गया है |


(ब) मेष , सिंह, धनु अग्नि तत्व राशियो का संबंध , पित्त  दोष से माना जाता है |



(2) वात प्रधान ग्रह व राशिया _


(अ) शनि, राहू, केतू को वात प्रधान ग्रह माना गया है |


(ब) वृष , कन्या ,मकर भूतत्व राशियो का संबंध वात दोष से जोड़ा गया है | 


(3) कफ प्रधान ग्रह व राशिया _


(अ) चंद्रमा गुरु,शुक्र को कफ प्रधान बताया गया है |


(ब) कर्क,वृश्चिक मीन जल तत्व राशिया कफ दोष बढ़ाने वाली मानी गयी है |