मेष राशि - यदि मेष राशि मे चंद्रमा स्थित है तो जातक को सिर से संबन्धित रोग हो सकते है | घर परिवार से
संबन्धित लड़ाई झगड़े भी हो सकते है |
वृष राशि - यदि वृष राशि मे चंद्रमा स्थिति हो तो धनी तथा अच्छी पत्नी का भी सुख प्राप्त करता है | चंद्रमा अपनी
उच्च राशि मे होने के कारण जो की शुक्र की राशि होने से वाहन का सुख भी देता है |
मिथुन राशि - मिथुन राशि का चंद्रमा अपनी कर्क राशि से 2 - 12 का संबंध होने के कारण ऐसे जातक को विदेश
यात्रा भी करवा देता है और कभी कभी तो धन मे भी अधिक वृद्धि करा देता है |
कर्क राशि - कर्क राशि का चंद्रमा धन व मान सम्मान की बहुत वृद्धि भी कर देता है | ऐसा चंद्रमा जातक को
सुख व सफलता भी प्राप्त करवाता है |
सिंह राशि - सिंह राशि का चंद्रमा कालपुरुष कुंडली मे सूर्य की राशि का होने के कारण बुद्धि , विधा मे वृद्धि
करके बुद्धिमान व धनी और कार्य मे भी कुशल बनाता है |
कन्या राशि - कन्या राशि का चंद्रमा जातक को धन लाभ और स्त्री सुख भी देता है | ऐसा चंद्रमा जातक मे
बल प्रताप की भी वृद्धि करता है |
तुला राशि - तुला राशि का चंद्रमा अपनी कर्क राशि के सुख भाव मे होने के कारण व्यापार मे लाभ भी देता है |
ऐसा चंद्रमा घर परिवार का सहयोग भी देता है |
वृश्चिक राशि - वृश्चिक राशि का चंद्रमा अपनी नीच राशि मे होने के कारण रोग, पीड़ा व कलंक या चिंता भी दे देता
है | ऐसा धर्म हानि करके भी अपने कष्टो मे वृद्धि कर लेता है |
धनु राशि - धनु राशि का चंद्रमा अपनी कर्क राशि से छठे भाव मे होने के कारण शत्रुता या मुक़दमेबाज़ी मे
अपने धन की भी हानि करा लेता है | और गुरु राशि मे होने के कारण ऐसा जातक अपनी दशा या अंतर दशा मे
लंबी या तीर्थयात्रा भी कर लेता है है |
मकर राशि - मकर राशि का चंद्रमा शनि का शत्रु होने के कारण और राहू साथ मे हो तो वायु रोग भी दे देता है |
कालपुरुष कुंडली मे चंद्रमा कर्म भाव मे होने के कारण घर परिवार के सुख मे भी वृद्धि करवाता है |
कुम्भ राशि - कुम्भ राशि का चंद्रमा अपनी दशा मे आँख व दांत से संबन्धित रोग भी दे देता है | और कभी कभी
अपनी कर्क राशि से अष्टम होने के कारण अधिक पीड़ा व परेशानी भी दे देता है |
मीन राशि - मीन राशि का चंद्रमा अपनी कर्क राशि से नवां होने के कारण संतान सुख भी दे देता है | और मान सम्मान मे भी वृद्धि करा देता है |
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