Thursday, July 28, 2022

मेष से मीन राशि तक सूर्य की महादशा का परिणाम

 सूर्य महादशा ( 6 साल )


मेष राशि   -  मेष राशि का सूर्य उच्च होने के  कारण जातक को मान सम्मान , धन  व पद की प्राप्ति करवाता है | 

यदि यही सूर्य पाप ग्रहो से पीड़ित है तो शारीरिक कष्ट , नेत्र रोग , धन हानि व कलेश भी दे सकता है |



वृष राशि   - वृष राशि का सूर्य वैभव सुख , स्त्री सुख व मित्रो का सुख भी उत्तम देता है | यदि यही सूर्य पाप ग्रहो से 

पीड़ित है तो दिल संबंधी रोग्  और पत्नी व संतान से भी विवाद करा सकता है |


मिथुन राशि   - मिथुन राशि का सूर्य काल पुरुष कुंडली मे तीसरे भाव मे स्थित होने के कारण बल , साहस व धन की 

भी वृद्धि कराता है और पंचमेश होने के कारण बुद्धि   का भी अच्छा समागम देता है |




कर्क राशि  - कर्क राशि का सूर्य धन व सुख की भी वृद्धि कराता है  और माता पिता का भी उत्तम सुख प्रदान करा 

सकता है |



सिंह राशि - सिंह राशि का सूर्य धन, मान सम्मान , पद का उत्तम सुख भी देता है |ऐसा जातक समाज मे बहुत ही 

उच्च कोटी का सम्मान प्राप्ति करता है |


कन्या राशि - कन्या राशि का सूर्य अपनी दशा मे जातक को विशिष्ट धार्मिक रुचि की वृद्धि भी कराता है |ऐसा 

जातक तार्किक बुद्धि मे बहुत कुशल होता है |


तुला राशि   - तुला राशि मे नीच का होने के कारण सूर्य अपनी दशा मे पिता , पत्नी संतान से भी अलग करा सकताहै |

या ऐसा जातक कभी कभी जीवन भर अकेला ही भटकता रहता है |


वृश्चिक राशि  - वृश्चिक राशि का सूर्य अपनी दशा मे बल व साहस की वृद्धि तो कराता ही है साथ ही साथ किसी भी 

कार्य मे निपुण भी बनाता है |यदि ये सूर्य पीड़ित अवस्था मे है तो आग से डरव हृदय रोग की संभावना भी बढ़ा देता है |


धनु राशि  - धनु राशि का सूर्य अपनी दशा मे उच्च शिक्षा , धन व भाग्य वृद्धि भी देता है | गुरु की मूल त्रिकोण राशि 

मे होने के कारण यही सूर्य राजा के बराबर भी सुख दे देता है |


मकर राशि   - मकर राशि का सूर्य होने के कारण सेवा जैसे कर्म करने से भी बहुत अधिक लाभ पाता है |

शत्रु राशि मे होने के कारण सूर्य शारीरिक कष्ट , मानसिक कष्ट , धन व पत्नी की चिंता मे भी अधिक वृद्धि करा देता है |


कुभ राशि   - कुम्भ राशि  का सूर्य पद की हानि , धन्न की हानि व परिवार वालो से वाद विवाद भी करा दिया करता करता है |


मीन राशि  - मीन राशि  का सूर्य मित्र राशि मे होने के कारण  धन व मान की प्राप्ति करा  देता है और दान व 

परोपकार के कार्यो मे बहुत अधिक रुचि भी बढ़ाता है |यदि यही सूर्य पीड़ित हो तो पित्त वृद्धि व ज्वर भी दे देता है |

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