कुष्ठ रोग मे राहु (विष),बुध (त्वचा) तथा मंगल(रक्त) का विशेष योगदान है । कभी कभी सूर्य का पापी होना भी कुष्ठ रोग दे दिया करता है।
कुष्ठ रोग के ज्योतिषीय योग निम्न है--
(1) (षष्ठेश +सूर्य) लग्न मे रक्त कुष्ठ देता है।
(2) मंगल लग्न मे ,शनि चतुर्थ मे ,सूर्य अष्टम मे होने पर कोढ देता है ।
(3)सूर्य+मंगल+शनि की युति भी कुष्ठ रोग देती है ।
(4)लग्नेश या चंद्रमा का दृष्टि युति सम्बंध मंगल,राहु या केतु से होने पर सफेद कुष्ठ रोग देता है ।
सद्गुरु कृपा ज्योतिष केंद्र
कुंडली विशेषज्ञ-- Astroplus Durvesh Kumar
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