(1) पंचमेश,मंगल या राहु से युक्त होकर त्रिक स्थान मे हो ।
(2)पंचम और सप्तम भाव मे बली पाप ग्रह हो।
(3)पंचमेश तथा गुरु की अष्टम भाव मे युति हो तो भी शैशव काल मे मृत्यु योग बनता है।
सद्गुरु कृपा ज्योतिष केंद्र
कुंडली विशेषज्ञ -- Astroplus Durvesh Kumar
No comments:
Post a Comment