Sunday, May 3, 2020

ग्रह वक्री होने का विशेष फल --

वक्री  होने का विशेष फल निम्न  है ।

(1) मंगल,शनि या दु:स्थान  के स्वामी अथवा दुस्थान  मे बैठे ग्रह वक्री होने पर अधिक अशुभ  व अनिष्टकारी  हो जाते है।

(2) बुध,गुरु,शुक्र त्रिकोण मे हो या त्रिकोणेश ग्रह वक्री होने पर अधिक कल्याणकारी  हो जाते है ।

(3) गोचर मे शुभ ग्रह का वक्री होना अधिकांश धन मान,यश व सत्ता का सुख दिया करता है।

(4) पाप ग्रह का वक्री होना धन व पद की हानि, असफलता और कभी कभी शत्रु  का भय देता है ।


          सद्गुरु कृपा ज्योतिष केंद्र

कुंडली विशेषज्ञ--Astroplus Durvesh Kumar

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