Saturday, May 30, 2020

क्या विदेश गया व्यक्ति कष्ट मे है--

(1) यदि शुभ ग्रह 6,8,और 12वे भाव मे निर्बल  होकर पाप ग्रहो से दृष्ट हो तथा सूर्य और चंद्रमा लग्न मे हो तो प्रश्न  के समय तक विदेश मे गया व्यक्ति  मर चुका होता है।

(2)नवम भाव मे क्रूर  ग्रहो से दृष्टी या युति सम्बंध मे शनि हो तो  प्रवासी रोग ग्रस्त  हित है और यदि ऐसा शनि अष्टम भाव मे हो तो प्रवासी  की मृत्यु  होती है।

(3) चतुर्थ भाव मे नीचराशि मे स्थित वक्री ग्रह के साथ चंद्र्मा इत्थशाल करता  हो और शुभ ग्रहो की द्रष्टि  ना पड़ रही हो तो प्रवासी  विदेश मे मर जाता है।

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