(1) अष्टमेश पापग्रह से युक्त होकर सप्तम भाव मे स्थित हो तो बवासीर रोग का संकेत करता है।
(2) अष्टम भाव मे (षष्ठेश + पापग्रह ) की युति हो तो भी बवासीर रोग का संकेत देता है ।
(3) सिंह राशि के (मंगल+बुध+लग्नेश) चतुर्थ या द्वादश भाव मे युति करे तो भी बवासीर रोग का संकेत करता है।
सद्गुरु कृपा ज्योतिष केंद्र
कुंडली विशेषज्ञ -- Astroplus Durvesh Kumar
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