Wednesday, February 24, 2021

सूर्य का सप्तम भाव मे शुभ व अशुभ फल क्या है ?

                                                  सूर्य का शुभ व  अशुभ फल :-


(1) सूर्य का शुभ फल  -    मिथुन, तुला  व धनु लग्न मे उच्च राशि व  अपनी मित्र राशि मे सूर्य सप्तम भाव मे हो 

तो जातक स्वाभिमानी, परोपकारी , दिलेर होता है । यदि गुरु , मंगल  आदि ग्रह भी शुभ हो तो आर्थिक स्थिति 

मे स्त्री या पति से बहुत अधिक मात्रा मे लाभ मिलता है । ऐसे जातक का विवाह के बाद भाग्य उदय होता है । 

वृष, सिंह, कुम्भ  लग्न वाले जातको को मिलेजुले  फल मिलते है । 


(2) सूर्य  का अशुभ फल  -     मेष, कर्क , कन्या, वृश्चिक, मकर व मीन लग्न के जातको को सप्तम मे स्थित सूर्य 

अशुभ या संघर्ष पूर्ण  हालत  प्रदान करता है । ऐसे जातक का अशुभ सूर्य होने के कारण  उच्च विधा  व  अपने 

 कैरियर को बनाने मे बहुत सारी बाधाओ के बाद सफलता मिलती है । ऐसे जातक के विवाह मे भी बहुत अधिक 

देरी होती है और जीवन साथी को भी कष्ट रहता है व दांपत्य  जीवन मे भी सुख की बहुत कमी होती है । ऐसे जातको

 का सूर्य यदि राहू/ शनि आदि पाप ग्रहो से द्रष्ट या युक्त हो तो आर्थिक व पारिवारिक परेशानिया बनी ही रहती है । 


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