सूर्य का छठे भाव मे शुभ व अशुभ फल :-
(1) सूर्य का शुभ फल - मीन , वृश्चिक, मेष , तुला लग्नों मे छठे भाव मे अपनी राशि और मित्रराशि मे स्थित होने
पर जातक मेहनती, धैर्यवान , साहसी, गुणवान , मुकदमे या विवाद मे शत्रुओ पर जीत हासिल करने वाला
गुप्त विधियो से धन इकट्ठा करने वाला । ऐसे जातक का भाग्य उदय विदेश मे होता है । शुभ सूर्य होने से जातक
की पाचन शक्ति भी अच्छी होती है ।
(2) सूर्य का अशुभ फल - छठे भाव मे तुला, मकर , कुम्भ, या वृष राशि मे सूर्य अशुभ हो ओर शनि, राहू से कोई भी
संबंध हो तो जातक को मकान या वाहन संबन्धित सुख मे अड़चन होती है । मुकदमा या विवाद आदि कारणो से
धन हानी होती है । ऐसे जातक को गुप्त शत्रुओ से भी डर बना रहता है । ऐसे जातक को रक्त रोग और दिल के रोग
का भी डर बना रहता है । कर्क, मकर और कुम्भ लग्न के जातको को छठे का सूर्य मिला जुला फल देता है ।
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