Friday, February 16, 2024

राशि प्रवेश या सूर्य संक्रांति का वार के स्वामी से क्या फल मिलता है |

 1  यदि  रविवार को सूर्य संक्रांति होती है तो और जन्म कुंडली मे भी सूर्य मजबूत है तो ऐसा व्यक्ति 

     भ्रमण या पर्यटन मे इतना व्यस्त राहत है की  उसे कही  और अच्छा ही नहीं लगेगा |


2  यदि सोमवार को सूर्य संक्रांति होती है तो और जन्मकुंडली मे भी चंद्रमा मजबूत हो तो ऐसा व्यक्ति 

    भोजन और कपड़ों का उत्तम सुख की प्राप्ति करता है | 


3  यदि मंगलवर को सूर्य संक्रांति हो तो और जन्मकुंडली मे मंगल कमजोर स्थिति मे हो तो 

ऐसा व्यक्ति राज्य , चोर या अग्नि जैसे तथ्यों से डर  की स्थिति मे या जाता है |


4  यदि बुधवार को सूर्य संक्रांति  होती है तो और जन्मकुंडली मे बुध अच्छी स्थिति मे हो तो 

ऐसा व्यक्ति  पढ़ने मे या विधा प्राप्ति मे बहुत रुचि लेता है |


5  यदि गुरुवार को सूर्य संक्रांति  होती है तो और जन्मकुंडली मे गुरु की स्थिति अच्छी है तो ऐसा व्यक्ति 

धन , मान, और सुख मे वृद्धि को प्राप्त करता है |

6   यदि शुक्रवार को सूर्य संक्रांति होती है तो और जन्म कुंडली मे शुक्र भी मजबूत हो तो ऐसा व्यक्ति 

लौकिक सुख सुविधा का पूरा आनंद लेता है |


7 यदि शनिवार को सूर्य संक्रांति होती है तो और जन्म कुंडली मे भी शनि अच्छी स्थिति मे है तो किसी भी काम मे देरी तो हो सकती है मगर होगा काम जरूर क्योंकि शनि का देरी करना स्वाभाविक गुण है |

और यदि शनि पीड़ित है तो रोग पीड़ा , असफलता  और संताप भी दे सकता है |

Saturday, March 11, 2023

लग्नेश की महादशा का फल

                                             ॐ श्री गणेशाय नमः


यदि किसी भी जातक की जन्म कुंडली मे लग्नेश यानि लग्न के स्वामी की महादशा चल रही है या 

चलेगी तो क्या परिणाम जातक को मिल सकते है : 

यदि लग्न का स्वामी बलि है तो जातक को ये दशा स्वास्थ्य  और मान सम्मान की प्राप्ति भी कराती है | 

ऐसे जातक के रूप रंग , स्वभाव और आत्मविश्वास मे भी निखार आता है |


और यदि ये बलि नही है तो इसकी दशा मे रोग से पीड़ित , नौकरी या व्यापार मे हानि की संभावना बढ़ जाती है |

कभी कभी तो ऐसे व्यक्ति की पहली संतान के भाग्य मे भी कमी आ जाती है |

Friday, January 20, 2023

मेष से मीन राशि तक बुध की महादशा का परिणाम ( कालखंड 17 साल )

 मेष से  मीन राशि तक बुध की महादशा का फल :


मेष राशि =  मेष राशि के बुध की महादशा मे धोखा , धन व मान की हानि हो जाया करती है |

कुछ ज्योतिष के विद्वानो ने मंगल व बुध के संबंध को अनिष्ट भी माना है |


वृष राशि = वृष राशि के बुध की दशा मे पत्नी, संतान और मित्रो की तरफ से कभी कभी चिंता भी दे दिया करती है |


मिथुन राशि =  मिथुन राशि के बुध की दशा मे धन लाभ  कम और कभी कभी कोई रोग या शारीरिक कष्ट भी 

दे दिया करती है |


कर्क राशि = कर्क राशि के बुध की दशा विदेश यात्रा , संगीत मे रुचि और धन लाभ मे वृद्धि कर दिया करती है |


सिंह राशि =  सिंह राशि के बुध की दशा बुद्धि व मान सम्मान मे वृद्धि करती है  और कभी कभी धन हानि 

भी कर दिया करती है |


कन्या राशि = कन्या राशि के बुध की दशा किसी साहित्य मे रुचि , लेखन व सम्पादन जैसे कार्य से लाभ व मान सम्मान भी दे देती है |


तुला राशि =  तुला राशि के बुध की दशा धन,  सफलता और मान सम्मान भी दे दिया करती है |


वृश्चिक राशि =  वृश्चिक राशि के बुध की दशा धन , मान सम्मान की हानि और व्यति को दुराचारी भी बना सख्ती है |


धनु राशि = धनु राशि के बुध की दशा राज सम्मान और नेता गिरि जैसा सुख भी दे दिया करती है |


मकर राशि =  मकर राशि के बुध की दशा धन , मान सम्मान की हानि और बुरी संगत के कारण कभी कभी 

कलंकित भी बना दिया करती है |


कुम्भ राशि = कुम्भ राशि के बुध की दशा शारीरिक व आर्थिक कष्ट भी दे दिया करती है |



मीन राशि = मीन राशि के बुध की दशा किसी भी प्रकार के विघ्न या बाधा से चिंता दे दिया करती है  क्योकि ये बुध की नीच राशि है और बुध से संबन्धित कोई भी परेशानी हो सकती है |

Sunday, October 16, 2022

मेष से मीन राशि तक शनि की महादशा का परिणाम ( कालखंड 19 साल )

 मेष राशि -    मेष राशि के शनि की दशा आने पर जातक को कलेश, चर्म रोग  , भाइयो से वाद विवाद और 

अलगाव और रोग दे दिया करती है |


वृष राशि -    वृष राशि के शनि की दशा आने पर जातक को कलेश और मानसिक समस्या  या वात

से संबन्धित रोग दे दिया करती है | यदि शनि पर शुभ प्रभाव  है तो सफलता और सम्मान भी दे दिया करती है |



मिथुन राशि -  मिथुन राशि के शनि की दशा आने पर जातक को कर्ज़,  शत्रु व रोग के कारण परेशानी हो जाया करती 

है | कभी कभी ऐसे जातक को  चिंता व संताप भी दे दिया करती है |


कर्क राशि -  कर्क राशि के शनि की दशा आने पर जातक को आर्थिक समस्या बहुत ज्यादा परेशान भी कर दिया 

करती है |भाइयो से वियोग और कान आँख से संबन्धित रोग भी दे दिया करती है |


सिंह राशि - सिंह राशि के शनि की दशा आने पर जातक को धन की कमी , शारीरिक कष्ट व मानसिक रोग 

दे दिया करती है |


कन्या राशि - कन्या राशि के शनि की दशा आने पर जातक को हर प्रकार का सुख व भाग्यमे वृद्धि दे देती है |


तुला राशि - तुला राशि के शनि की दशा आने पर जातक को धन की वृद्धि , सफलता , सम्मान और भोग 

सुख मे लाभ दे दिया करती है |


वृश्चिक राशि - वृश्चिक राशि के शनि की दशा आने पर जातक को धन व सम्मान की कमी , लोभ व कृपणता 

दे दिया करती है |


धनु राशि - धनु राशि के शनि की दशा आने पर जातक को सम्मान, पद, और व्यक्तियों से प्रेम व सहयोग 

दे दिया करती है |


मकर राशि -  मकर राशि के शनि की दशा आने पर जातक को दुष्ट लोगो के कारण धन व सुख की हानि

दे दिया करती है |क्योकि शनि काल पुरुष कुंडली के अनुसार बाधकेश होने के कारण कर्म भाव मे अच्छे 

परिणाम नहीं देता है |


कुम्भ राशि - कुम्भ राशि के शनि की दशा आने पर जातक को हर प्रकार का सुख , लाभ, सम्मान और सफलता दे दिया करती है |


मीन राशि - मीन राशि के शनि की दशा आने पर जातक को सम्मान, सुख और पद प्रतिष्ठा मे वृद्धि दे दिया करती है |

Wednesday, October 5, 2022

मेष से मीन राशि तक गुरु की महादशा का परिणाम ( कालखंड 16 साल )

 मेष राशि -  मेष राशि के गुरु की दशा मे जातक को धन , मान ,विधा और पुत्र व स्त्री सुख की प्राप्ति हुआ 

करती है |मेष राशि मित्र मित्र राशि होने के कारण इस दशा मे मित्रो के सहयोग से सफलता भी प्राप्त कराती है |



वृष राशि -- वृष राशि का मंगल अपनी दशा मे धन की कमी व शारीरिक व मानसिक कष्ट भी दिया करती है |

क्योकि शत्रु राशि होने के कारण यहा अच्छे फल की प्राप्ति मे बहुत कमी हो जाती है |


मिथुन राशि - मिथुन राशि का गुरु अपनी दशा मे जातक को मानसिक कष्ट , धन की कमी और कभी कभी सुख मे भी 

हानि दे दिया करती  है |


कर्क राशि - कर्क राशि के गुरु की दशा जातक को धन व मान सम्मान की प्राप्ति दिया करता है  क्योकि यह गुरु 

की उच्च राशि भी है |


सिंह राशि - सिंह राशि के गुरु की दशा मे जातक को विधा , पुत्र  व उत्पत्ति जैसे कार्यो मे बहुत अधिक सफलता 

दिया करती है और जातक का धार्मिक कार्यो के प्रति अधिक रुझान किया करता है |


कन्या राशि - कन्या राशि के गुरु की दशा मे जातक को वाद विवाद या मतभेद   से कलह कलेश दे दिया करती है |


तुला राशि - तुला राशि के गुरु की दशा मे जातक को असफलता,  त्वचा रोग और बेकार की शत्रुता दे दिया करती 

है | कभी कभी जातक इस दशा मे मतिभ्रम भी हो जाया करता है |


वृश्चिक राशि - वृश्चिक राशि के गुरु की दशा मे जातक को कर्ज़ से मुक्ति और हर प्रकार के लाभ व सुख की प्राप्ति 

करा दिया करती है |


धनु राशि - धनु राशि के गुरु की दशा मे जातक को धन तो अधिक नहीं देती पर मान पद प्रतिष्ठा बहुत ऊंची दे 

दिया करती है |

मकर राशि - मकर राशि के गुरु की दशा जातक को धन , मांम सम्मान की हानि और आर्थिक संकट बहुत अधिक दे दिया करती है |


कुम्भ राशि -  कुम्भ राशि के गुरु की दशा जातक को धन लाभ , विधा की प्राप्ति और समाज मे मान सम्मान की 

बहुत अधिक प्राप्ति करा दिया करती है |



मीन राशि -  मीन राशि के गुरु की दशा जातक को धन लाभ , विधा प्राप्ति व धार्मिक कार्य और मित्रो का सुख बहुत अधिक दे दिया करती है |

Monday, September 26, 2022

मेष से मीन राशि तक राहु की महादशा का परिणाम ( कालखंड 18 वर्ष )

 मेष राशि -  मेष राशि के राहु  की दशा आने पर घर परिवार या जातक के छोटे भाई बहन से विरोध भी दे 

 दिया करती है |लेकिन  धन लाभ और सफलता भी दिया करती है |


वृष राशि -  वृष राशि के राहू  की दशा आने पर जातक को सुख व सफलता  की भी प्राप्ति होती है |ऐसा  जातक इस 

दशा मे बहुत सहनशील भी हुआ करता है |


मिथुन राशि -  मिथुन राशि के राहू की दशा आने पर जातक का साहस व सुख मे भी वृद्धि हुआ करती है |

राहू की दशा जब आरंभ होती है तो कुछ शारीरिक कष्ट या मानसिक कष्ट का होना भी स्वाभाविक होता है |


कर्क राशि -   कर्क राशि के राहू की दशा आने पर जातक को धन, मान सम्मान, मे वृद्धि हुआ करती है |



सिंह राशि -  सिंह राशि के राहू की दशा आने पर जातक को व्यवहार से सफलता दिलाया करती है |कोई कोई 

जातक तो इस दशा मे रोग से भी कष्ट पाता है |


कन्या राशि -  कन्या राशि के राहू की दशा आने पर जातक को वाणिज्य व्यापार से धन व सुख की वृद्धि हुआ 

करती है किन्तु अधिक लालच करने से हानी भी हुआ करती है | ऐसे जातक को बुरी संगत से बचना चाहिए |



तुला राशि - तुला राशि के राहू की दशा आने पर जातक धन व सुख वृद्धि जरूर होती है क्योकि मित्र राशि मे होने 

के कारण | 


वृश्चिक राशि -  वृश्चिक राशि के राहू की दशा आने पर जातक शत्रुओ के कारण रुकावट व धन हानी भी करा दिया 

अधिकतर जातक इस समय पर नीच कर्मो के कारण अपमानित भी हुआ करता है |



धनु राशि -  धनु राशि के राहू की दशा आने पर जातक को धन व मान सम्मान की वृद्धि भी हुआ करती है |



मकर राशि -  मकर राशि के राहू की दशा आने पर वात संबन्धित रोग या सिर दर्द जैसे रोग दे दिया करती है |

कभी कभी इस दशा मे आर्थिक संकट की भी वृद्धि हो जाया करती है |



कुम्भ राशि -  कुम्भ राशि के राहू की दशा आने पर जातक को धन लाभ व इच्छा पूर्ति भी हुआ करती है |ऐसा 

जातक अपने मित्रो पर भी विजय पाया करता है |


मीन राशि -  मीन राशि के राहू की दशा आने पर जातक को वाद विवाद  या रोग पीड़ा से शारीरिक व मानसिक 

कष्ट भी हुआ करता है |कभी कभी अत्यधिक खर्चो के कारण  चिंता मे भी वृद्धि हो जाया करती है |

Tuesday, September 20, 2022

मेष से मीन राशि तक मंगल की महादशा का परिणाम ( कालखंड 7 वर्ष )

  मेष राशि -   मेष राशि का मंगल अपनी मूल त्रिकोण राशि मे होने के कारण मान सम्मान व धन की प्राप्ति 

करवाता है | और कभी  कभी अधिक पीड़ा भी दे दिया करता है |


वृष राशि -  वृष राशि का मंगल धन लाभ मे वृद्धि के साथ साथ रोग या पीड़ा मे भी वृद्धि कर दिया करता है |

गुप्त दान या परोपकार के कार्य करने के कारण जातक को कार्यो मे सफलता  व सम्मान मे वृद्धि भी हो जाती है |



मिथुन राशि -  मिथुन राशि का मंगल अपनी दशा मे जातक के साहस व पराक्रम की भी वृद्धि करता है |इस दशा मे

 कभी कभी जातक कान से संबन्धित कष्ट भी पाता है |


कर्क राशि -  कर्क राशि का मंगल अपनी दशा मे जातक को घर परिवार से मतभेद या अलगाव भी करवा दिया करता

है |इस दशा मे जातक को मानसिक पीड़ा की भी संभावना बढ़ जाया करती है और कभी कभी जातक इस अवधि 

मे धन लाभ की प्राप्ति भी कर लेता है |



सिंह राशि -  सिंह राशि का मंगल अपने कालखंड मे बुद्धिमान व तर्क मे कुशल भी बनाता है |कभी कभी इस दशा 

मे जातक का अपने लाइफ पार्टनेर के प्रति अधिक पीड़ा भी हो जाया करती है |



कन्या राशि - कन्या राशि का मंगल कालपुरुष कुंडली मे छटे भाव का स्वामी होने के कारण धन धान्य की वृद्धि भी

 करवा देता है | इस कालखंड मे जातक प्रतियोगिता मे भी सफलता को प्राप्त करता है |



तुला राशि - तुला राशि का मंगल इस कालखंड मे धन व स्त्री सुख मे भी कमी किया करता है |इस स्थिति मे जातक 

अपने पार्टनर से या पार्टनर के लिए लड़ाई झगड़ा भी कर लिया करता है |


वृश्चिक राशि - वृश्चिक राशि का मंगल अपनी दशा मे धन धान्य का सुख भी प्राप्त करा दिया करता है | ऐसे जातक

 को अग्नि  या शस्त्र से भी हानी हो जाया करती है |


धनु राशि - धनु राशि का मंगल अपनी दशा मे धन व मान सम्मान दे देता है |इस अवधि मे जातक अपने कार्य व

 यक्ति  मे बहुत कुशल हो जाया करता है |



मकर राशि - मकर राशि मे उच्च का होने के कारण मंगल  अपनी दशा मे राज सुख , धन और कार्ये सिद्धि मे 

सफलता भी करता है |



कुम्भ राशि - कुम्भ राशि का मंगल अपनी दशा मे अशुभ परिणाम भी दे देता है |  इस अवधि मे जातक रोगी व

 दुराचारी  भी हो जाता है |



मीन राशि - मीन राशि का मंगल अपनी दशा मे शारीरिक कष्ट  देता है | कभी कभी त्वचा संबन्धित रोग भी दे देता 

है | कालपुर्ष कुंडली  के व्यय भाव मे होने के कारण कर्ज़ व पत्नी को कष्ट की संभावना भी अधिक बनी रहती है |