सूर्य का शुभ व अशुभ फल :-
(1) सूर्य का शुभ फल - मिथुन, तुला व धनु लग्न मे उच्च राशि व अपनी मित्र राशि मे सूर्य सप्तम भाव मे हो
तो जातक स्वाभिमानी, परोपकारी , दिलेर होता है । यदि गुरु , मंगल आदि ग्रह भी शुभ हो तो आर्थिक स्थिति
मे स्त्री या पति से बहुत अधिक मात्रा मे लाभ मिलता है । ऐसे जातक का विवाह के बाद भाग्य उदय होता है ।
वृष, सिंह, कुम्भ लग्न वाले जातको को मिलेजुले फल मिलते है ।
(2) सूर्य का अशुभ फल - मेष, कर्क , कन्या, वृश्चिक, मकर व मीन लग्न के जातको को सप्तम मे स्थित सूर्य
अशुभ या संघर्ष पूर्ण हालत प्रदान करता है । ऐसे जातक का अशुभ सूर्य होने के कारण उच्च विधा व अपने
कैरियर को बनाने मे बहुत सारी बाधाओ के बाद सफलता मिलती है । ऐसे जातक के विवाह मे भी बहुत अधिक
देरी होती है और जीवन साथी को भी कष्ट रहता है व दांपत्य जीवन मे भी सुख की बहुत कमी होती है । ऐसे जातको
का सूर्य यदि राहू/ शनि आदि पाप ग्रहो से द्रष्ट या युक्त हो तो आर्थिक व पारिवारिक परेशानिया बनी ही रहती है ।