सूर्य का प्रथम भाव मे फल
(1) सूर्य का शुभ फल - सूर्य प्रथम भाव मे मेष, मिथुन, सिंह ,वृश्चिक या धनु राशि मे हो तो जातक पराक्रमी, पुष्ट शरीर ,
आकर्षक दिखने वाला , स्वतंत्र प्रकृति , अधिक बुद्धिमान , स्पष्टवादी , मिलनसार व हसमुख होगा । गुरु, मंगल व बुध
ग्रह भी शुभ्स्थ हो तो जातक उच्च ज्ञान रखने वाला , उच्च अधिकारियों से संबंध रखने वाला , एक से अधिक आय के
स्त्रोत तथा सभी सुखो से परिपूर्ण होता है ।
(2) सूर्य का अशुभ फल - सूर्य प्रथम भाव मे यदि वृष , कर्क, कन्या , तुला,मकर, कुम्भ या मीन राशि मे हो ओर शनि,
राहू,केतू आदि ग्रह से द्रष्ट या युक्त हो तो जातक क्रोधी , तेज़ स्वभाव , कटु वचन बोलने वाला , अस्थिर विचार,
परिवार के साथ मनमुटाव ओर आर्थिक परेशानियों से परेशान रहता है । यदि कुंडली मे सूर्य अशुभ ग्रहो से युक्त
हो तो सूर्य कि दशा व अंतेर्दशा मे जातक को उच्च रक्तचाप , सरकारी स्थानो से हानी , आंखो मे पीड़ा , उच्च विधा
पाने मे बाधा , धन लाभ मे रुकावट , पत्नी व संतान को कष्ट , सिर दर्द , बुखार आदि अशुभ फल होते है ।
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