घर परिवार की संपत्ति या कारोबार के बटवारे मे हमारा उचित हिस्सा मिलेगा ? जब जातक ऐसा प्रश्न करे तो निम्न
योगो पर जरूर ध्यान देना चाहिए ।
(1) अष्टम व द्वितीय भाव मे यदि पापग्रह हो तो मुकदमा या मार पिटाई की नौबत आ जाती है ।
(2) लग्न व चंद्रमा दोनों चर राशि मे हो तो हिस्सा मिलने मे परेशानी होती है।
(3) लग्न व चंद्रमा यदि पापग्रह से युक्त हो या पापग्रह की द्रष्टि मे हो तो वाद विवाद होना तो निश्चित है ।
(4) लग्न व सप्तम भाव मे यदि पापग्रह हो तो बेईमानी करके सारा हिस्सा हड़प लिया जाता है ।
(5) यदि केंद्र , लाभ व द्वितीय भावो मे शुभ ग्रह हो तो उचित हिस्सा ईमानदारी से मिल जाता है ।
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