सूर्य का द्वितीय भाव मे शुभ व अशुभ फल :-
(1) सूर्य का शुभ फल - वृष , मिथुन,कर्क,सिंह, तुला, वृश्चिक , कुम्भ व मीन लग्न के जातक को सूर्य स्वराशि या
अपनी मित्रराशि या अपनी उच्च राशि मे हो तो जातक बुद्धिमान ,भूमि, वाहन आदि सुखो से युक्त ओर स्वाभिमानी
होता है ।
(2) सूर्य का अशुभ फल - मेष, कन्या, धनु व मकर लग्न के जातको दूसरे भाव मे सूर्य शत्रु राशि मे या नीच राशि मे
होने से जातक को पारिवारिक कलेश , आर्थिक परेशानी , आय कम अधिक होता है । भाग्य उन्नति मे विघ्न व बाधाए
उत्पन्न होती ही रहती है ,अशांत चित्त , पिता को कष्ट , आँख व मुह के रोग होने का डर रहता है , वाहन से दुर्घटना का
डर हमेशा बना रहता है ।