Sunday, January 31, 2021

सूर्य का द्वितीय भाव मे शुभ व अशुभ फल क्या है ?

  सूर्य का  द्वितीय भाव मे शुभ व अशुभ फल :-


(1) सूर्य का शुभ फल  -  वृष , मिथुन,कर्क,सिंह, तुला, वृश्चिक , कुम्भ व मीन लग्न के जातक को सूर्य स्वराशि या 

अपनी मित्रराशि या अपनी उच्च राशि मे हो तो जातक बुद्धिमान ,भूमि, वाहन आदि सुखो से युक्त ओर स्वाभिमानी 

होता है । 


(2) सूर्य का अशुभ फल -    मेष, कन्या, धनु व मकर लग्न के जातको दूसरे भाव मे सूर्य शत्रु राशि मे या नीच राशि मे

 होने से जातक  को पारिवारिक कलेश , आर्थिक परेशानी , आय कम अधिक  होता है । भाग्य उन्नति मे विघ्न व बाधाए

 उत्पन्न होती ही रहती है ,अशांत चित्त , पिता को कष्ट , आँख व मुह के रोग होने का डर रहता है , वाहन से दुर्घटना का

 डर हमेशा बना रहता है । 

Friday, January 29, 2021

सूर्य का प्रथम भाव मे शुभ व अशुभ फल क्या है ?

                                     सूर्य का प्रथम भाव मे फल 


(1) सूर्य का शुभ फल - सूर्य प्रथम भाव मे  मेष, मिथुन, सिंह ,वृश्चिक  या धनु राशि मे हो तो जातक  पराक्रमी, पुष्ट शरीर ,

 आकर्षक  दिखने वाला , स्वतंत्र प्रकृति , अधिक बुद्धिमान , स्पष्टवादी , मिलनसार व हसमुख होगा । गुरु, मंगल व बुध

 ग्रह भी शुभ्स्थ  हो तो जातक उच्च ज्ञान रखने वाला , उच्च अधिकारियों से संबंध रखने वाला , एक से अधिक आय के

 स्त्रोत  तथा सभी सुखो से  परिपूर्ण  होता है ।


(2) सूर्य का अशुभ फल -   सूर्य प्रथम भाव मे यदि वृष , कर्क, कन्या , तुला,मकर, कुम्भ या मीन राशि मे हो ओर शनि,

 राहू,केतू  आदि ग्रह से द्रष्ट या युक्त हो तो जातक  क्रोधी , तेज़ स्वभाव , कटु वचन  बोलने वाला , अस्थिर विचार, 

 परिवार के साथ मनमुटाव ओर आर्थिक परेशानियों से परेशान रहता है । यदि कुंडली मे सूर्य अशुभ ग्रहो से युक्त 

हो तो सूर्य  कि दशा व अंतेर्दशा  मे जातक को उच्च रक्तचाप , सरकारी स्थानो से हानी , आंखो मे पीड़ा , उच्च विधा

 पाने मे बाधा , धन लाभ मे रुकावट , पत्नी व संतान को कष्ट , सिर दर्द , बुखार आदि अशुभ फल होते है । 

Tuesday, January 26, 2021

क्या संपत्ति मे उचित हिस्सा मिलेगा ?

 घर परिवार की संपत्ति या कारोबार के बटवारे मे हमारा उचित हिस्सा  मिलेगा ? जब जातक ऐसा प्रश्न  करे तो निम्न 

योगो पर जरूर ध्यान देना चाहिए । 


(1) अष्टम व द्वितीय भाव  मे यदि पापग्रह हो तो मुकदमा  या मार पिटाई की नौबत  आ जाती है । 


(2) लग्न व चंद्रमा दोनों चर राशि मे हो तो हिस्सा मिलने मे परेशानी होती है। 


(3) लग्न व चंद्रमा यदि पापग्रह से युक्त हो या पापग्रह की द्रष्टि मे हो तो वाद विवाद होना तो निश्चित है । 


(4) लग्न व सप्तम भाव मे यदि पापग्रह हो तो बेईमानी  करके सारा हिस्सा हड़प लिया जाता है । 


(5) यदि केंद्र , लाभ  व द्वितीय  भावो मे शुभ ग्रह हो तो उचित हिस्सा ईमानदारी से मिल जाता है ।

Saturday, January 23, 2021

व्यक्ति को क्रोध क्यो आता है ?

 जातक के क्रोधित होने के योग निम्न है -

(1) यदि जातक का जन्म दिन ( सूर्य लग्न से सप्तम भाव मध्य तक ) मे है ओर मंगल बली  लग्न या दशम भाव मे हो तो

 जातक को अधिक क्रोध आता है । 

(2) यदि जातक की कुंडली मे मंगल बली हो ओर सप्तम भाव मे स्थित हो तो भी जातक क्रोधित रहता है । 


(3) यदि चंद्र लग्नेश ( राशिश ) , हीन बली होकर त्रिकोण भाव मे हो तो भी जातक क्रोधित रहता है । 


(4) यदि जातक की कुंडली  मे लग्नेश अष्टम  या बारहवे  भाव मे स्थित हो तो भी जातक को अधिक क्रोध  आता है । 

Wednesday, January 13, 2021

क्या मेरा बच्चा मन्द बुद्धि तो नही है

 यदि बुध व चंद्रमा पर , पाप ग्रहो का प्रभाव हो तो बच्चा अधिक मेहनत करने के बाद भी बहुत कम ही सीख पाता है ।

 बच्चे की याददाश्त बहुत कमजोर होती है और बच्चे को नया कोई भी विषय सीखने मे बहुत ही ज्यादा ही मुश्किल 

होती है । 


मंदबुद्धि जातक के ज्योतिष के अनुसार निम्न  योग है --

(1) यदि कुंडली मे लग्न मे स्थित चंद्रमा पर शनि व मंगल की द्रष्टि पड़ रही है तो जातक के लिए मन्द बुद्धि योग बनता है । 


(2) यदि लग्नेश व पंचमेश दोनों ग्रह नीच राशि मे हो या किसी भी पाप ग्रह से युक्त हो तो जातक मन्द बुद्धि होता है । 


(3) यदि कुंडली मे पंचम भाव , पंचमेश , बुध व चंद्रमा पाप ग्रहो से किसी भी प्रकार से संबन्धित हो तो जातक मन्द बुद्धि होता है । 


(4) यदि कुंडली  मे पंचम भाव मे ( शनि + राहू ) की युति हो और  12 वे भाव बुध हो तथा पंचमेश ग्रहो से द्रष्ट हो या

 युक्त हो तो जातक की याददाश्त बहुत कमजोर होती  है । 



Tuesday, January 12, 2021

क्या गाने मे मेरा सुर सुधरेगा ?

 यदि निम्न योग प्रश्न कुंडली मे बनते  है तो किसी भी प्रकार के गायन  आदि मे आवाज़ अच्छी हो जाती है । 

(1) तृतीय से  केंद्र  ( 6,9,12 )   मे  बुध, गुरु स्थित हो । 

(2) तीसरे भाव से  बुध या गुरु या इन दोनों का कोई भी संबंध  बने  , तो भी अच्छी आवाज़ का योग बनता है । 

(3) यदि कुंडली मे  तृतीयेश  व मंगल का कोई भी संबंध बनता है तो ये भी अच्छी आवाज़ का योग  बनता है । 

Friday, January 1, 2021

आज मेरा काम काज कैसा रहेगा ?

 अच्छा काम काज चलने के निम्न योग है -

(1) यदि प्रश्न कुंडली मे लग्नेश व सप्तमेश का युति , द्रष्टि कोई भी संबंध बनता है तो अछे काम काज का योग है । 


(2) लग्नेश व सप्तमेश 4, 10 भावो मे नही होने चाहिए । 


(3) बुध , मंगल की राशि  1,7 भावो मे हो या ये इन भावो मे स्थित हो  तो अछे काम काज का योग बनता है । 


(4) प्रश्न कुंडली मे बुध व मंगल  का बलवान होना चाहिए , 

यदि उपरोक्त  योग मे से कोई भी योग बनता है तो काम काज अच्छा रहेगा ।