Saturday, December 12, 2020

ज्योतिष के अनुसार हिस्टीरिया रोग क्यो होता है ?

 हिस्टीरिया -  हिस्टीरिया  रोग अधिकतर भावुक व कोमल स्वभाव की स्त्रियो को होता है /असंतुष्ट संभोग इच्छा  या हट करके कामेच्छा का दमन हिस्टीरिया जैसे रोग का कारण होता है /कभी कभी चिंता, दुख, गर्भाशय  या मासिक धर्म  की गड़बड़ी या अचानक मानसिक आघात से भी यह रोग हो जाता है /इसमे कोई शक नही है ये एक मानसिक रोग है /इसकी   सबसे  मुख्य   पहचान है बेहोशी / इस रोग के रोगी  हाथ पैर पटकना ,शरीर का अकड़ जाना या कभी कभी मुह से झाग का आना /  इस रोग के होने की संभावना के योग निम्न  है ---

(1)  बुध व चंद्रमा  केंद्र मे स्थित  होकर  शनि , राहू या मंगल से द्रष्टि  मे हो या फिर युति सबंध मे हो तो इस रोग की संभावना बढ़ जाती है /

(2)   यदि बुध व चंद्रमा  केंद्र मे स्थित होकर ,शनि , मंगल व राहू से कोई भी संबंध  करे तथा सप्तम भाव भी पाप ग्रह से युक्त या द्रष्टि मे हो तो  जातक इस रोग से पीड़ित हो जाता है /


(3)  यदि सप्तम भाव , सप्तमेश  ओर कारक ग्रह शुक्र , पाप  ग्रह से पीड़ित होकर त्रिक स्थान  से कोई भी संबंध करे तो इस रोग के होने की संभवना बढ़ जाती है /

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