हिस्टीरिया - हिस्टीरिया रोग अधिकतर भावुक व कोमल स्वभाव की स्त्रियो को होता है /असंतुष्ट संभोग इच्छा या हट करके कामेच्छा का दमन हिस्टीरिया जैसे रोग का कारण होता है /कभी कभी चिंता, दुख, गर्भाशय या मासिक धर्म की गड़बड़ी या अचानक मानसिक आघात से भी यह रोग हो जाता है /इसमे कोई शक नही है ये एक मानसिक रोग है /इसकी सबसे मुख्य पहचान है बेहोशी / इस रोग के रोगी हाथ पैर पटकना ,शरीर का अकड़ जाना या कभी कभी मुह से झाग का आना / इस रोग के होने की संभावना के योग निम्न है ---
(1) बुध व चंद्रमा केंद्र मे स्थित होकर शनि , राहू या मंगल से द्रष्टि मे हो या फिर युति सबंध मे हो तो इस रोग की संभावना बढ़ जाती है /
(2) यदि बुध व चंद्रमा केंद्र मे स्थित होकर ,शनि , मंगल व राहू से कोई भी संबंध करे तथा सप्तम भाव भी पाप ग्रह से युक्त या द्रष्टि मे हो तो जातक इस रोग से पीड़ित हो जाता है /
(3) यदि सप्तम भाव , सप्तमेश ओर कारक ग्रह शुक्र , पाप ग्रह से पीड़ित होकर त्रिक स्थान से कोई भी संबंध करे तो इस रोग के होने की संभवना बढ़ जाती है /
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