इन योगो मे मनुष्य द्वारा किए गए अर्जित पुण्य बलवान होते है -
(1) केतू का बुध ग्रह या गुरु ग्रह के साथ कुछ न कुछ योग हो /
(2) लग्न के दोनों ओर शुभ ग्रह होने चाहिए ओर अष्टम भाव मे कोई भी पाप ग्रह नही होना चाहिए /
(3) नवमेश 5, 10 भावो मे शुभ राशियो मे होना चाहिए /
(4) नवमेश अपनी उच्च राशि मे 1, 3 भावो मे होना चाहिए /
(5) लग्नेश या पंचमेश के साथ नवमेश का कुछ न कुछ संबंध जरूर होना चाहिए /
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