Thursday, July 23, 2020

ह्रदय रोग के ज्योतिषीय कारण-

ह्रदय  रोग के ज्योतिषीय कारण  निम्न है 

(1) मंगल+गुरु + शनि की युति चतुर्थ भाव मे हो।
(2) मंगल व केतु की युति  चतुर्थ भाव मे हो।
(3) गुरु + शनि + षष्ठेश  की युति चतुर्थ भाव मे हो ।
(4) गुरु चतुर्थ भाव मे हो ,सूर्य  तथा मंगल से द्रष्टि  या युति सम्बंध हो।
(5)शनि चतुर्थ भाव मे तथा राहु 12वे भाव मे हो ।
(6) 6,8,12 भाव मे ( सूर्य + शनि ) की युति हो।
(7) सूर्य  + शनि की युति छठे भाव मे,पाप दृष्ट हो या पापयुक्त हो तथा बुध लग्न मे स्थित  हो ।
(8) चंद्रमा +राहु की युति 7वे भाव मे हो और शनि केंद्र  भाव मे स्थित हो ।
(9) सूर्य  व चंद्रमा  की युति सिंह या कर्क राशि मे हो तो भी इस रोग के होने की संभावना  होती है ।

ह्रदय  रोग के कारकत्व निम्न है-
ग्रह- सूर्य,चंद्रमा  और मंगल
भाव- पंचम और चतुर्थ
राशि- कर्क    ।

Saturday, July 18, 2020

प्रश्न के अनुसार वैवाहिक सुख कम या विवाह भंग होने के योग-

(1) सप्तमेश  6,8,12 मे हो।

(2)  प्रश्न  के समय  गुरु अपनी नीच  राशि मे हो ।
(3) सप्तमेश कही भी नीच  राशि में  हो ।
(4) शुक्र व मंगल की युति 6,8,12 मे हो ।

(5) शुक्र व मंगल की युति हो और इनमे से कोई सा एक अपनी नीच  राशि मे हो तो भी वैवाहिक  सुख मे कमी  होती है।

Wednesday, July 8, 2020

मंगल की शुभ व अशुभ दशा का परिणाम-

(1) मंगल की शुभ दशा--
प्रशासन और व्यवस्था,अग्नि से सम्बंधित कार्य,साहस,कठिन या जोखिम भरे कार्य,विष या पीडा का उपचार या किसी भी समस्या का निदान कर धन,मान व पद प्रतिष्ठा दिलाती  है ।भूमि से सम्बन्धित  कार्य,तांबा या सोने की वस्तुएं,मसालेदार  खाध पदार्थ  के  उत्पादन,बेचने  या प्रयोग  करने से जातक धन लाभ पाता  है ।

(2) मंगल की अशुभ दशा--
मंगल की अशुभ दशा मे छोटे भाई बहन से विरोध,पत्नि व पुत्र से अनबन ,भू संपदा  की हानि,मांसपेशियो मे दिक्कत,लडाई झगडो मे चोट,दुश्मन के कारण  अपमान व कार्य मे बाधा,अधर्म मे रुचि,रक्त दोष,कभी कभी गुरूजनो की आज्ञा  का उलन्घन करने से शरीर की पीड़ा व मानसिक पीड़ा  को पाता  है।

Monday, July 6, 2020

चन्द्रमा की शुभ व अशुभ दशा का परिणाम-

(1) चंद्रमा  की शुभ दशा--
चंद्रमा की शुभ दशा मे मन खुश रहता  है। धन ,मान व सुख की अधिकता होती है ।गुरु व देवता  का उपासक  होता है तथा पत्नि  व पुत्र की और से सुखी रहता है ।

(2) चंद्रमा  की अशुभ दशा--
चंद्रमा  की अशुभ  दशा  मे मनोव्यथा,घर मे क्लेश, धन का नाश,आलस्य ,उच्च अधिकारियो  से वैर विरोध या झगडे आदि।
कभी- कभी वमन या अपच रोग भी दे दिया करती है ।